जिला प्रशासन ने ये पहल गरीब, मजदूर एवं लॉकडाउन से प्रभावित दूर-दराज के लोगों के लिए की है। प्रशासन ने अपने तरफ से अन्नपूर्णा वाहन की व्यवस्था इसलिए की गयी है, ताकि लोग अपनी मदद जरूरतमंदों तक पहुंचा सकें और उन्हें सामान लाने और ले जाने में कोई दिक्कत ना हो।
कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने मददगारों से अपील की है कि वो जरूरतमंदों की सेवा में आगे आये। इस अन्नपूर्ण वाहन में चावल, दाल, आटा, नमक, हल्दी, साबूल, तेल, बेसन, मसाला के अलावे 400 रुपये की नकद राशि भी सहयोग के तौर पर दी जा सकती है। ये राशि इसलिए दी जा रही है ताकि लोग अपनी मर्जी से जरूरत का सामान खरीद सकें। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मददगारों से सहायता राशि और सामिग्री लेकर बंटवारे का काम नगरीय प्रशासन और ग्राम पंचायतों की तरफ से ही किया जायेगा।
जिला प्रशासन की तरफ से जिला स्तर और विकासखंड स्तर पर वाहन की व्यवस्था की है, वहीं अधिकारियों के नाम और नंबर भी दिये गये हैं, जिन्हें फोन कर बुलाया जा सकता है और उन्हें मदद के तौर पर दी गयी सामिग्री और राशि दी जा सकती है।
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